डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को नए सत्र 2020-21 से परीक्षा फॉर्म नहीं भरने होंगे। अपनी सेवाओं-सुविधाओं को ऑनलाइन करने में जुटा विवि प्रवेश के समय आने वाले डेटा का ही परीक्षा तक प्रयोग करेगा। इसके साथ ही बीटेक व विज्ञान विषयों से डिजिटल मूल्यांकन की शुरूआत भी विवि नए सत्र से करेगा।
यह जानकारी कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह ने अपने कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने कहा कि यहां ज्यादातर दिव्यांग छात्रों को बार-बार फॉर्म भरने में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए उक्त निर्णय लिया गया है। विवि फीस पोर्टल भी शुरू करेगा। ताकि विद्यार्थी कहीं से भी ऑनलाइन फीस जमा कर सकें।
इसके लिए उन्हें विवि के चक्कर न काटने पड़ें। परीक्षा संबंधी समस्याओं व आवेदन के लिए भी एक हेल्प डेस्क बनेगी। एक ग्रिवांस सेल भी बनाएंगे ताकि छात्र कोई भी शिकायत ऑनलाइन कर सकें और उनका त्वरित समाधान हो। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने के लिए प्लेसमेंट सेल की स्थापना की गई है।
एकेटीयू-केजीएमयू से करेंगे एमओयू
कुलपति ने कहा कि हमारा फोकस दिव्यांगों के लिए बेहतर सुविधा देने और उनके लिए नए अविष्कार करने पर है। हम जल्द ही एकेटीयू व केजीएमयू के साथ एमओयू करेंगे। राज्यपाल की पहल पर विवि ने टीबी प्रभावित बच्चों को गोद लिया है। इस दिशा में केजीएमयू के साथ मिलकर आगे भी काम करेंगे और गांवों में भी जाएंगे।
डेफ कॉलेज भी शुरू होगा
रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने बताया कि ब्रेल प्रेस के टेंडर की औपचारिकता पूरी कर ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। नए सत्र में यह शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि डेफ कॉलेज की बाधाएं भी दूर हो गई हैं। जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र में इसे भी शुरू करके प्रवेश लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवि ने अपने यहां पुरानी पेंशन योजना को प्रभावी कराया व प्रो. प्रेम मोहन को सेवानिवृत्त होने के बाद इसका लाभ दिलाया। इस योजना का लाभ देने वाला 2008 के बाद स्थापित राजधानी का यह पहला विश्वविद्यालय है।